साकी तेरे मैखाने , में अब आ के पीयेंगे
नशा उसमे नहीं , उसके अंदाज़ में होती है
अब जामे-मोहब्बत ,आजमा के पीयेंगे
मह्फीलें रिंद में कभी ,तू भी तो हो शामील
तेरे पैमाने से पैमाना , टकरा के पीयेंगे
तू भी क्या सोचेगा , कीस लोग के थे साथ
तेरी आखिरी महफील , में हम छा के पीयेंगे
आपनी एक तस्वीर , तो छोड़ के जा जालीम
अकेले होंगे तो तेरी तस्वीर,को दीखला के पीयेंगे
अर्ज की उनसे जब,जामे शराब उठाने को 'असर'
दबे ओठों से कहते है , तुम्हे पीला के पीयेंगे
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dard kuchh is kadar mila' ki ghabra ke pe gaye.
ReplyDeletethodee se jo khusi meli' mila ke pe gaye.
youn to na thi hamen bachpan se'pene ke aadat.
bas SHARAAB ko tanha dekha' to taras ka ke pe gaye.